क्रिस्टीन कैरॉन. हम महामारी में आधे साल से ज्यादा का वक्त गुजार चुके हैं। इस दौरान करोड़ों भारतीय परिवार अपनी रोज की जरूरतों के लिए भी खासे परेशान हो रहे हैं। देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों के लिए जरूरत की चीजें जुटाने में परेशान हो रहे हैं। आपको फूड बैंक की लंबी लाइनों में बच्चे के लिए खाना लेने की कोशिश में कई पैरेंट्स खड़े हुए नजर आ जाएंगे। कई परिवार ऐसे हैं जो डाइपर जैसी चीज भी नहीं खरीद सकते और कई परिवारों को तो घर से निकाले जाने का डर सता रहा है। ऐसे में जरूरतमंदों का ख्याल रखना भी हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा हो सकता है।

इतना ही नहीं देश के कई इलाकों में हजारों परिवारों ने बुरे मौसम में बाढ़ जैसे हालात भी देखे। महामारी के कारण पहले ही नौकरी या काम गंवा चुके लोगों के सामने रहने और खाने का संकट भी खड़ा हो गया है। हालांकि,, देश की कई मददगार संस्थाओं ने जरूरतमंदों की खासी मदद की है, लेकिन अगर आप भी मदद का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो यह टिप्स आपके काम आ सकती हैं।

जानिए जरूरतमंद की कैसे मदद कर सकते हैं आप...

1. वॉलंटियर बनकर करें मदद

  • फीडिंग अमेरिका संस्था की प्रवक्ता जुआनी विलेरियल के मुताबिक, इस दौरान मदद का सबसे अच्छा तरीका वॉलंटियर बनना (अगर स्थानीय संस्था इस बात की अनुमति दे और आपको यह काम करना सुरक्षित लगे तो) या पैसे दान करना है।
  • फिलहाल संस्थाएं वॉलंटियर की कमी से जूझ रही हैं, क्योंकि आमतौर पर अपना समय देने वाले लोग कोरोनावायरस से बचने के लिए घर पर हैं। ऐसे में आप वहां मौजूद होकर संस्था और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। आपके लोकल में फूड बैंक के बारे में पता करें और देखें कि आप किस तरह से मदद कर सकते हैं।

2. डाइपर डोनेशन अच्छा उपाय

  • महामारी के दौरान उन परिवारों ने सबसे ज्यादा मुश्किल का सामना किया है, जहां छोटे बच्चे हैं। डाइपर बैंक ने भी जरूरतमंद लोगों के ग्राफ में काफी बढ़त महसूस की है। होप सप्लाई की चीफ एग्जीक्यूटिव बारबरा जॉन्सन के अनुसार, महामारी की शुरुआत में टेक्सास के सबसे बड़े डाइपर बैंक होप सप्लाई ने बीते साल के मुकाबले 300% ज्यादा मांग देखी।
  • डाइपर बैंक किसी भी तरह के डोनेशन का समर्थन करते हैं, लेकिन ये खासतौर से 3 और 6 साइज के डाइपर की चाह रखते हैं। नेशनल डाइपर बैंक नेटवर्क की वालंटियर एडवोकेट ऑड्रे साइम्स ने कहा "इस तरह के डाइपर्स की बैंकों में हमेशा कमी होती है।" बड़े साइज के डाइपर की मांग हमेशा होती है, क्योंकि इनमें बच्चे ज्यादा देर तक रह सकते हैं।

3. घर और दूसरी बुनियादी चीजों में मदद

  • देश में कई संस्थाएं जरूरतमंद परिवारों की मदद महीनों से कर रही हैं। ऐसे में आप भी इन संस्थाओं या निजी स्तर पर मदद कर सकते हैं। कई संस्थाएं घर का किराया, भोजन, पीपीई, बच्चों की जरूरत का सामान और क्वारैंटाइन दौर के लिए खास चीजों का इंतजाम कर रही हैं।
  • इसके अलावा कुछ संस्थाएं ऐसी भी हैं, जो लोगों को घर मुहैया करा रही हैं। ऐसे में आप इन संस्थाओं की तरह ही लोगों की छोटे से लेकर बड़े स्तर पर मदद कर सकते हैं।

4. तय करें कि कहां डोनेट करना चाहते हैं

  • अगर आप यह तय कर चुके हैं कि आप आर्थिक रूप से ही मदद करना चाहते हैं तो पहले थोड़ा होमवर्क कर लें। किसी भी संस्था में दान देने से पहले यह देख लें कि आपका पैसा खर्च किस तरह से किया जाएगा और संस्था के काम करने का तरीका क्या है।
  • इस बात की जानकारी लेने के लिए संस्थाओं की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी अच्छा सोर्स है। इसके अलावा इंटरनेट पर ऐसी भी कई वेबसाइट मौजूद हैं जो अलग-अलग चैरिटी वेबसाइट की जानकारी देती हैं।


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