कृषि बिलों के विरोध में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने राज्यसभा से बायकॉट कर दिया है। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, "सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे कोई प्राइवेट खरीदार MSP से नीचे किसानों से उपज नहीं खरीद सके। जब तक ऐसा बिल नहीं लाया जाता तब तक हम संसद सत्र का बायकॉट करेंगे।" आजाद ने यह मांग भी रखी है कि 8 सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए।

कोरोना के बीच संसद के मानसून सत्र का आज 9वां दिन है। इससे पहले सोमवार को राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने विपक्ष के 8 सांसदों को पूरे सत्र की कार्यवाही तक निलंबित कर दिया। ये सांसद संसद परिसर में रातभर धरने पर बैठे रहे, धरना अब भी जारी है।

कृषि बिलों पर हंगामे के बीच सरकार ने रबी की फसलों का MSP बढ़ाया
कृषि बिलों के विरोध के बीच केंद्र ने पहली बार समय से पहले सितंबर में ही रबी की 6 फसलों का एमएसपी 6% तक बढ़ा दिया है। गेहूं का एमएसपी 50 रुपए बढ़ाकर 1975 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को बताया कि यह फैसला कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने लिया है।

दूसरी ओर कांग्रेस समेत 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कृषि बिलों पर साइन नहीं करने की अपील की। उधर, देश में कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों ने 25 सितंबर को किसान कर्फ्यू की बात कही है। राजस्थान के किसान इसमें शामिल होने पर 23 सितंबर को फैसला करेंगे। हालांकि, राज्य में सोमवार को सभी 247 कृषि मंडियां बंद रखी गईं।



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विपक्ष ने यह मांग भी की है कि 8 सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया था।


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