चेन्नई सुपरकिंग्स को सोमवार को 7वीं हार मिली। यानी टीम 70 फीसदी मुकाबले हार चुकी है। यह 8 बार फाइनल खेलने वाली चेन्नई का सबसे खराब प्रदर्शन है। धोनी की कप्तानी वाली टीम 2010 व 2012 में भी 7-7 मैच हारी थी। लेकिन तब क्रमशः 14 और 16 लीग मैच खेले थे। दिल्ली 10 में से 7 मैच जीतकर टॉप पर है। उसका प्लेऑफ में पहुंचना पक्का है।

रैना का बाहर होना और ब्रावो की फिटनेस
रैना सीजन शुरू होने से पहले ही हट गए। मिडिल ऑर्डर में कोई भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं था। चेन्नई ने अब तक 17 खिलाड़ियों को आजमाया है। पहले टीम प्लेइंग-11 में काफी कम बदलाव करती थी। ड्वेन ब्रावो चोट के कारण सिर्फ 6 मुकाबले खेल सके हैं।

धोनी ने 9 पारी में सिर्फ 164 रन बनाए
चेन्नई ने 2010, 2011 और 2018 में खिताब जीता। इस दौरान बल्ले से कप्तान धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा था। लेकिन मौजूदा सीजन में वे पूरी तरह से फेल रहे। वे 9 पारियों में 164 रन ही बना सके। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 125 का रहा।

बड़ा सवाल- क्या धोनी लीग का अगला सीजन खेलेंगे?
धोनी लीग में 200 मैच खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके 39 साल के धोनी के मौजूदा खेल को देखकर उनका अगले सीजन में उतरना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि टीम के मालिक एन. श्रीनिवासन ने हमेशा धोनी का सपोर्ट किया है।



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मौजूदा सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पूरी तरह से फेल रहे हैं। वे 9 पारियों में 164 रन ही बना सके हैं।


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