ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया की घोषणा हो चुकी है। रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को बाहर रखा गया है और बीसीसीआई ने कहा कि उनकी चोट पर नजर रखी जा रही है। इसके बाद मुंबई इंडियंस ने प्रैक्टिस करते हुए रोहित का वीडियो पोस्ट किया। इससे उनकी चोट की सही स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर ने खिलाड़ियों की चोट पर पारदर्शिता रखने की बात कही। सुनील ने कहा, ‘मैंने नहीं देखा कि मुंबई के लिए रोहित को नेट्स पर बल्लेबाजी करते हुए क्या दिखाया गया। इसलिए मुझे नहीं पता कि उन्हें क्या चोट है। अगर उनकी चोट गंभीर होती तो वो किट पहनकर अभ्यास के लिए तैयार नहीं होते। हम उस दौरे की बात कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत दिसंबर में होनी है। टेस्ट मैच करीब 17 दिसंबर से शुरू होंगे। अगर वो मुंबई के लिए नेट्स पर अभ्यास कर रहे हैं, तो मुझे नहीं पता कि उनकी चोट कितनी गंभीर है।’ उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से पारदर्शिता और खुलेपन से सभी को मदद मिल जाती कि असल में रोहित को हुआ क्या है। भारतीय फैंस इसे जानने के हकदार हैं। गावसकर ने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि फ्रेंचाइजी ऐसी चीजें नहीं बताएंगी, क्योंकि वे यहां मैच जीतने आईं हैं। वे विरोधी फ्रेंचाइजी को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल नहीं करने देना चाहेंगी। मगर हम टीम इंडिया की बात कर रहे हैं। मयंक ने भी तो नहीं खेला। भारतीय फैंस, ये जानना चाहेंगे कि इन दो प्रमुख खिलािड़‍यों के साथ क्या हुआ।’ जानकारी के मुताबिक रोहित 3 नवंबर को अंतिम लीग मैच में उतर सकते हैं।

इशांत 18 से गेंदबाजी शुरू करेंगे, 100वें टेस्ट से सिर्फ 3 कदम दूर हैं
इशांत इन दिनों एनसीए में हैं। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ एनसीए के हेड हैं। उनकी ओर से बोर्ड को जानकारी दी गई है वे 18 नवंबर से गेंदबाजी शुरू कर सकते हैं। मैच खेलने के पहले उन्हें कम से कम एक प्रैक्टिस मैच की जरूरत होगी। टेस्ट सीरीज 17 दिसंबर से शुरू हो रही है। तब तक इशांत के पूरी तरह से फिट होने की उम्मीद है। गेंदबाज इस साल दूसरी बार चोटिल हुए हैं। इसके पहले फरवरी में एंकल में चोट के कारण वे न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भी नहीं खेल सके थे। इशांत टीम के अनुभवी तेज गेंदबाजों में से एक हैं। वे 100 टेस्ट खेलने सिर्फ तीन कदम दूर हैं। वे कपिल देव के बाद 100 टेस्ट खेलने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन सकते हैं।

तेवतिया-अक्षर का जडेजा से अच्छा प्रदर्शन, फिर भी जगह नहीं

आईपीएल-13 में रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। फिर भी उन्हें तीनों फॉर्मेट में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लिमिटेड ओवर में जडेजा की जगह राहुल तेवतिया या अक्षर पटेल को मौका दिया जाना चाहिए था। अक्षर ने लीग के 10 मैच में 8 विकेट में लिए हैं। उनकी इकोनॉमी 5.78 की रही। वहीं तेवतिया ने 7.15 की इकोनॉमी से 7 विकेट जबकि जडेजा ने 9.26 की इकोनॉमी से सिर्फ 4 विकेट लिए हैं। बल्लेबाजी में तेवतिया ने 224 जबकि जडेजा ने 201 रन बनाए हैं।

राहुल के प्रदर्शन ने पंत और किशन की उम्मीद को धूमिल किया
2021 का टी20 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में भारत में ही खेला जाना है। लेकिन बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे अन्य विकेटकीपर बल्लेबाजों के रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। खासतौर पर पंत और किशन का। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टी20 सीरीज में बतौर विकेटकीपर सैमसन को भी चुना गया है। लेकिन वनडे में सिर्फ राहुल ही हैं। हालांकि पूर्व भारतीय गेंदबाज आशीष नेहरा ने कहा कि पंत को लिमिटेड ओवर में मौका दिया जाना चाहिए। वे इस फॉर्मेट के अच्छे खिलाड़ी हैं।

हरभजन सिंह ने सूर्यकुमार यादव को बाहर रखने पर सवाल उठाए
हरभजन सिंह ने सूर्यकुमार यादव के नहीं चुने जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वे आईपीएल और रणजी में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अलग-अलग लोगों के सिलेक्शन के लिए नियम भी अलग-अलग हैं। मेरा अनुरोध है कि सिलेक्टर्स उनके रिकॉर्ड को देखें। इसके पहले उन्होंने वरुण चक्रवर्ती के चयन पर खुशी जताई थी। सूर्यकुमार ने आईपीएल के मौजूदा सीजन में दो अर्धशतक के सहारे 283 रन बनाए हैं।



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प्रैक्टिस के लिए जाते रोहित शर्मा और एनसीए में पसीना बहाते ईशांत शर्मा।


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