ट्रायल के नतीजों के ऐलान के साथ ही देश में कोरोना वैक्सीन पाने और उसे दूसरी जगहों पर पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक जेबी सिंह ने बताया, “हमारे सभी एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार हैं। सरकार से जैसे ही निर्देश मिलता है, हम वैक्सीन लॉजिस्टिक्स का काम शुरू कर देंगे।’ दिल्ली एयरपोर्ट का प्रबंधन देखने वाले डायल के पीआरओ सर्वोत्तम ने बताया कि वह भी पूरी तरह तैयार हैं। उनके पास 1.5 लाख मीट्रिक टन कोल्ड चेन स्टोरेज की क्षमता है।

मुंबई तो इस मामले में दो कदम आगे है। वहां का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन और मैनेजमेंट के लिए जल्द ही एक टास्क फोर्स बनाने जा रहा है। यह टास्क फोर्स एयरपोर्ट, क्लाइंट, रेगुलेटरीज और सरकारी संस्थाओं जैसे शेयर होल्डर्स के बीच पुल का काम करेगी।

केंद्र सरकार ने कोरोना के हालात पर चर्चा करने को 4 दिसंबर को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है। कोरोना काल में यह दूसरी बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। सूत्रों ने बताया कि संसद के दोनों सदनों में पार्टियों के नेताओं को शुक्रवार सुबह 10: 30 बजे ऑनलाइन बुलाया गया है। इसमें वैक्सीन पर भी चर्चा हो सकती है।

जुलाई-अगस्त तक 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की योजना: हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगले छह महीने में देश के 25-30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगले साल के शुरुआती तीन-चार महीनों में इस बात की संभावना है कि देश में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।

सप्लाई का गणित : 14 अरब डाेज पहुंचाने के लिए 8000 कार्गो विमान

दुनिया की आबादी करीब 7 अरब है। प्रति व्यक्ति दो डोज के हिसाब से पूरी आबादी को टीका लगाने के लिए 14 अरब डोज चाहिए होंगे। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्जेंडर डे जुनैक ने बताया कि यह दुनिया का सबसे जटिल ट्रांसपोर्टेशन होगा। करीब 110 टन क्षमता के जंबो जेट बोइंग-747 विमानों को 8000 उड़ानें भरनी पड़ेंगी।

उम्मीद: फाइजर को इस हफ्ते मिल सकती है आपात इस्तेमाल की मंजूरी

फाइजर को जल्द ही यूनाइटेड किंगडम में वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है। फाइजर बायोएनटेक एसई के साथ टीका बना रही है।

अर्जी: माॅडर्ना ने अमेरिका और यूरोप में आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांग रही

मॉडर्ना अपनी वैक्सीन का अमेरिका और यूरोप में आपात इस्तेमाल करने की मंजूरी के लिए एप्लीकेशन दे रही है। उसका दावा है कि आखिरी फेज की स्टडी के नतीजों में टीका 94.1% असरदार रहा। उसका यहां तक दावा है कि गंभीर मरीजों पर टीका 100% कारगर है। फाइजर अगले साल के आखिर तक 130 करोड़, जबकि मॉडर्ना 50 करोड़ डोज देना चाहता है। एस्ट्राजेनेका की उत्पादन क्षमता 200 करोड़ डोज की है।



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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगले छह महीने में देश के 25-30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना है।


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