1. अपने दौर के सुपर स्टार विनोद खन्ना के बेटे अक्षय, फिल्म इंडस्ट्री और जिंदगी को लेकर एक अलग ही सोच रखते हैं। नेपोटिज्म जैसे मामलों पर भी स्पष्ट रूख है उनका। पढ़िए, अलहदा अक्षय से जुड़ी की खास बातें।

अलहदा अक्षय खन्नाः फिल्म वाले नेपोटिज़्म को बढ़ावा दे ही नहीं सकते, क्योंकि दर्शक उन्हें नकारने को आज़ाद हैं

2. ध्यान रमाने के लिए तन्यमता और मौन आवश्यक है, किंतु उत्फुल्ल चित्त भी तो ध्यानस्थ हो सकता है, प्रसन्न रहकर भी सहज-समाधि पाई जा सकती है। पढ़िए, ओशो के प्रवचन का ये अंश भी हंसते-खेलते ध्यान रमाने की ही बात करता है।

अतीत के विचार और भविष्य की योजनाओं को छोड़, वर्तमान में जीएं मौज से

3. उत्तराखंड के ज्योतिर्लिंग केदारनाथ की अपनी महिमा है, अपना महत्व है। पढ़िए, भगवान शिव की कथाओं और केदार के महत्व पर डॉ. विवेक चौरसिया का लेख।

भगवान शिव की अलौकिक कथाएं और हिमालय के इतिहास को दर्शाता है केदारनाथ

4. बाल दिवस आने वाला है। बच्चों के लिए ख़ास दिन। बचपन का उत्सव। इस उत्सव की शक्ल अब बहुत बदल चुकी है। पढ़िए, बचपन पर रचना समंदर का आलेख।

इंसानी जीवन का सबसे सुन्दर पड़ाव है बचपन, जिसे दर्शाती हैं ये कविताएं

5. अभिनेता अक्षय खन्ना अंतर्मुखी नहीं हैं, लेकिन लोगों से खुलते कम ही हैं। इंटरव्यू में कई सवालों को वो मुस्कुराकर टाल भी गए। पढ़िए, अक्षय से सवाल-जवाब के इस सिलसिले को...

अक्षय खन्ना से सवाल-जवाब, जब कोई रचनात्मक व्यक्ति काम नहीं कर रहा होता, तब वो और अधिक व्यस्त होता है

6. हंसना आप में ऊर्जा का संचार तो करेगा ही, खुशियों का आलोक भी फैलाएगा। इसी धवल आलोक में छिपा है प्रसन्नता का वरदान। हंसना कितना जरूरी है, जानिए डॉ. रमन कुमार के इस लेख से...

हंसने से दिल, दिमाग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से रहेंगे दूर

7. कोरोना वायरस बीमारी फैलाने वाले विषाणुओं के परिवार का बिलकुल नया अवतार है। इससे जुड़ी रिसर्च रोज कुछ नए तथ्य ला रही है, इसी से जुड़ा डॉ. नीलकमल कपूर का लेख ये समझने में मदद करता है कि रिसर्च होती कैसे है...

कोविड-19 पर चल रही रिसर्च को लेकर क्या कहना है शोधकर्ताओं का

8. दंतपंक्ति सुंदर हो तो मुस्कान भी काव्यभाषा में दंतुरित कहलाती है। जाड़ों में दांद किटकिटाने को दंतवीणा का वादन भी कहा गया है। पढ़िए, दांतों पर कैलाश मण्डलेकर का व्यंग्य आपको गुदगुदाएगा...

दांतों के मुहावरे, परेशानी और कई किस्सों को बयां करता है ये व्यंग्य

9. जिंदगी और प्रकृति के अलग-अलग रूप दिखाती कविता और गजलें। पढ़िए, कुछ चुनिंदा रचनाएं।

आंखों में टूटा एक तारा, चिड़िया शरारती जैसी यह है कवि की बेहतरीन रचनाएँ

10. पायथागोरस की प्रमेय गणित के विद्यार्थियों की नाक में दम कर देती है। लेकिन आपको आश्चर्य होगा कि पायथागोरस को भी एक चीज़ से डर लगता था, वह थी फलियां यानी बीन्स। पढ़िए, ऐसी ही कुछ रोचक बातें...

दुनिया की ऐसी घटनाएं जिन्हे जान कर आप भी रह जाएंगे आश्चर्यचकित



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