एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 6 कोटा हासिल कर लिए हैं। लेकिन इसमें पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हरियाणा के जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा हैं। भारत को अभी तक एथलेटिक्स में दो मेडल 1900 पेरिस ओलिंपिक में मिले थे। नॉर्मन प्रिचार्ड ने 200 मीटर और 200 मीटर हर्डल्स में सिल्वर मेडल जीता था। आइए जानते हैं कि नीरज चोपड़ा से क्यों पदक की उम्मीद है? उनकी तैयारी कैसी है? उनका हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है?
87.86 मीटर थ्रो के साथ क्वालिफाई- जनवरी में एथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट इवेंट में टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। यहां उन्होंने 87.86 मीटर का थ्रो किया था। वे सर्जरी के बाद वापसी कर रहे थे। 2018 में एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीता। रियो ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ने 85.38 मी का थ्रो फेंका था।

2018 में 4 डायमंड लीग में उतरे और सभी में चौथे पर रहे। 2016 वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।

तैयारी 4 दिसंबर से भुवनेश्वर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। लॉकडाउन लगने से पहले वे तुर्की में ट्रेनिंग कर रहे थे। मई के अंत में आउटडोर ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।

चुनौती जर्मनी के रोहलर और जोहानेस होंगे। रोहलर ओलिंपिक चैंपियन हैं और पर्सनल बेस्ट 93.90 मीटर का है। जोहानेस का बेस्ट 97.76 मीटर है।



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नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। (फाइल फोटो)


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