दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका अब भारत की राह पर है। उसने क्रिकेट में दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी है। देश में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए इस साल माइनर लीग की शुरुआत होगी। ताकि अगले साल मेजर लीग क्रिकेट (MLC) का आयोजन हो सके। माइनर लीग में यूएसए स्पोर्ट्स मार्केट की 24 फ्रेंचाइजी बेस्ड टीमें हिस्सा लेंगी।

शाहरुख खान के मालिकाना हक वाले नाइटराइडर्स ग्रुप ने मेजर लीग की एक टीम में हिस्सेदारी खरीदी है। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा और एडोब सिस्टम के सीईओ शांतनु नारायण भी इस टी-20 लीग में निवेश कर सकते हैं। MLC से घरेलू क्रिकेट इंडस्ट्री में एक बिलियन डॉलर (करीब 7366 करोड़ रुपए) से ज्यादा का निवेश होगा।

एक्सपर्ट का अनुमान है कि अमेरिका में क्रिकेट इकोनॉमी लगभग 50 मिलियन डॉलर (करीब 368 करोड़ रुपए) सालाना है। अमेरिका में क्रिकेट की शुरुआत को ओलिंपिक में इस खेल की एंट्री कराने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका ओलिंपिक में महाशक्ति है। अगर अमेरिका में क्रिकेट लोकप्रिय होता है तो ओलिंपिक में शामिल कराने में आसानी होगी।

क्रिकेट के बड़े समर्थक थे जाॅर्ज वाॅशिंगटन

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में 18वीं सदी में ब्रिटिश कॉलोनिस्ट क्रिकेट लेकर आए थे। यह किस्सा काफी लोकप्रिय है कि देश के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन क्रिकेट के बड़े समर्थक थे। वे ब्रिटेन से स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान सैनिकों के साथ मैच खेलते थे। दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स ने अमेरिकन कांग्रेस में अपने एक भाषण में कहा था कि अगर क्रिकेट क्लब के लीडर को प्रेसिडेंट कहा जा सकता है तो नए नेशन के लीडर को भी प्रेसिडेंट न कहने की कोई वजह नहीं है।

अमेरिका ने पहला इंटरनेशनल 1844 में खेला था

अमेरिका ने पहला मेजर इंटरनेशनल कनाडा के खिलाफ 1844 में खेला था, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में 1877 में खेले गए पहले टेस्ट से करीब 30 साल पहले। यह मैच न्यूयॉर्क के ब्लूमिंगडेल्स पार्क के सेंट जॉर्ज क्रिकेट क्लब ग्राउंड में हुआ था। इस मैच को देखने 20 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे। इस मैच की प्राइज मनी एक लाख 20 हजार डॉलर थी। यह मौजूदा समय के करीब दो मिलियन डॉलर (करीब 14.8 करोड़ रुपए) के बराबर है। लेकिन अमेरिका में बेसबॉल के उदय के साथ ही क्रिकेट की लोकप्रियता कम होती गई।

अमेरिका को 2030 तक आईसीसी के पूर्ण सदस्य बनने की उम्मीद

यूएसए क्रिकेट अमेरिका में क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी है। इसने अमेरिका में क्रिकेट को विस्तार देने के लिए "फाउंडेशनल प्लान' बनाया है। मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) टी20 इस महत्वाकांक्षी प्लान का हिस्सा है। यह अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइज (एसीई) द्वारा संचालित लीग है। इस प्लान को लागू करने के बाद यूएसए क्रिकेट को उम्मीद है कि अमेरिका 2030 तक आईसीसी में पूर्ण सदस्य का दर्जा हासिल कर लेगा। यूएसए किकेट 2019 में आईसीसी का एसोसिएट सदस्य बन गया था।

अमेरिकन लीग का आयोजन आईपीएल के बाद करने की योजना है ताकि दुनियाभर के इंटरनेशनल खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले सकें। इसका अन्य कई देशों में प्रसारण होगा, ताकि अमेरिकी क्रिकेट दुनिया के पटल पर अपनी पहचान बना सके।यूएसए क्रिकेट के चेयरमैन पराग मराठे कहते हैं, "यह फाउंडेशनल प्लान अमेरिका में खेल के विकास के लिए रोडमैप तैयार करेगा।

इससे क्रिकेट को लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक में शामिल करने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अमेरिका को क्रिकेट के मेजर इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी।' यूएसए क्रिकेट के चीफ एग्जीक्यूटिव इयान हिगिंस का मानना है कि 2030 तक क्रिकेट अमेरिका में प्रमुख खेल बन जाएगा। यूएसए क्रिकेट का लक्ष्य आईसीसी में पूर्ण सदस्य का दर्जा हासिल करना है। इसके अलावा आईसीसी के साथ मिलकर क्रिकेट को 2020 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक गेम्स में शामिल कराना है।

हाई परफॉरमेंस सेंटर के अलावा स्टेडियम की कैपेसिटी भी बढ़ाई जाएगी

  • मेजर लीग क्रिकेट की पेरेंट कंपनी अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेस (एसीई) ने एयरहॉग्स स्टेडियम से लॉन्ग टर्म लीज एग्रीमेंट कर लिया है। उनका प्लान इस स्टेडियम की कैपेसिटी 5445 से बढ़ाकर 8 हजार करने की योजना है। यह मैदान अमेरिका की नेशनल क्रिकेट टीम का बेस होगा। इसके अलावा हाई परफॉरमेंस सेंटर भी बनेगा।
  • यहां ट्रेनिंग नेट्स के अलावा दो अतिरिक्त आउटसाइड ट्रेनिंग फील्ड की सुविधा होगी। MLC के लिए टेक्सास बड़ा सेंटर है। यहां का एयरहॉग्स बेसबॉल स्टेडियम अमेरिकन क्रिकेट के परमानेंट वेन्यू के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा देश में कई एकेडमी विकसित करने की योजना भी है।

पूर्व भारतीय खिलाड़ी कोच और सलाहकार की भूमिका में

कर्नाटक के पूर्व क्रिकेटर जे. अरुणकुमार टीम के मुख्य कोच हैं। भारत के पूर्व विकेटकीपर और मुंबई इंडियंस के क्रिकेट कंसल्टेंट किरण मोरे को सीनियर क्रिकेट ऑपरेशंस के कंसल्टेंट की भूमिका मिली है। इनके अलावा प्रवीण आमरे को बैटिंग कंसल्टेंट, सुनील जोशी को स्पिन बॉलिंग कंसल्टेंट, ब्रिटेन के जेम्स पामेंट को फील्डिंग कंसल्टेंट, वेस्टइंडीज के कीरन पावेल को बैटिंग कंसल्टेंट और ऑस्ट्रेलिया के डेविड साकेर को तेज गेंदबाजी कंसल्टेंट के रूप में रखा गया है।

अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेस खेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर बना रहा

अमेरिका में एकेडमी और क्रिकेट के बेसिक इकोसिस्टम के लिए सेंट्रलाइज्ड सिस्टम नहीं हैं। यहां युवा क्रिकेटरों के लिए ज्यादा एकेडमी नहीं हैं। लेकिन यूएसए क्रिकेट और इसका कमर्शियल पार्टनर अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेस (ACE) देश में खेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर बना रहा है। ताकि ग्रासरूट लेवल पर खेल को बढ़ावा दिया जा सके। एसीई की विलो क्रिकेट एकेडमी के साथ मिलकर अपनी एकेडमी बनाने की भी योजना है।

सेन फ्रांसिस्को में तीन अलग-अलग जगह पर विलो एकेडमी है। यहां कई तरह की सुविधाएं हैं। इसमें टर्फ वाली पिच भी हैं। इस महीने के अंत तक सिएटल में भी एकेडमी खुल जाएगी। यहां कई इंडोर नेट्स होंगी। इसके अलावा एक टर्फ वाली विकेट भी होगी। एसीई विलो एकेडमी के अलावा लॉस एंजिलिस, डलास, न्यूयॉर्क और अटलांटा भी एकेडमी खोलने के लिए चर्चा कर रहा है।

मेजर लीग क्रिकेट की टीमें इस प्रकार हैं

मेजर लीग क्रिकेट में 24 टीमें हैं। इन टीमों को उनके सेन फ्रांसिस्को, लॉस एंजिलिस, शिकागो, डलास, न्यूयॉर्क और अटलांटा के क्लबों से जाना जाएगा। सेन फ्रांसिस्को की तीन टीमें हैं- सिलिकॉन वैली स्ट्राइकर्स, गोल्डन स्टेट ग्रिजलीज, बे ब्लेजर्स। लॉस एंजिलिस की भी तीन टीमें हैं- हॉलीवुड मास्टर ब्लास्टर्स, सोकाल लेशिंग्स, सैन डिएगो सर्फ राइडर्स। एलए की तरह शिकागो की भी तीन टीमें हैं- शिकागो ब्लास्टर्स, शिकागो कैचर्स, मिशिगन स्टेट स्टार्स। डलास की तीन टीमें इरविंग मस्टैंग्स, ह्यूस्टन हरिकेंस, ऑस्टिन एथलेटिक्स हैं।

न्यूयॉर्क की छह टीमें हैं

एंपायर स्टेट टाइटंस, न्यूजर्सी स्टेलियंस, न्यू इंग्लैंड ईगल्स, समरसेट कैवेलियर्स, डीसी हॉक्स, फिलाडेल्फियंस। इसी तरह अटलांटा की भी छह टीमें हैं- अटलांटा परम वीर्स, अटलांटा फायर, फ्लोरिडा बीमर्स, मोरिसविले, कार्डिनल्स, ओरलैंडो गैलेक्सी, लॉडरडेल लॉयंस। अभी टीमों के लिए खिलाड़ियों की नीलामी होनी बाकी है।

अमेरिका में करीब 90 लाख क्रिकेट फैंस

अमेरिका में अधिकतर क्रिकेट फैंस साउथ एशियन, कैरेबियंस या ब्रिटिश हैं। अमेरिका में करीब 90 लाख क्रिकेट फैन हैं। इसमें लगभग 40 लाख इंडियन अमेरिकंस, 30 लाख वेस्टइंडीज अमेरिकंस, 8 लाख यूके और आयरलैंड में जन्मे, 5 लाख पाकिस्तानी अमेरिकंस, 2 लाख बांग्लादेशी अमेरिकंस, 3 लाख अफ्रीकन क्रिकेटिंग देश जैसे द. अफ्रीका, जिम्बाब्वे, केन्या, युगांडा, 1 लाख ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड, 1 लाख श्रीलंका और अन्य एशियन देशों के हैं।

महिला टीम में अधिकतर सदस्य भारतीय मूल की

अमेरिका की महिला क्रिकेट टीम भी है। उसने अब तक सिर्फ एक मैच जीता है जबकि 5 मैच हारे हैं। अप्रैल 2018 में टीम को इंटरनेशनल टी20 का दर्जा मिला। टीम की कप्तान सिंधु श्रीहर्षा हैं। अधिकतर सदस्य भारतीय मूल की हैं। पिछले साल मार्च में जूलिया प्राइस को मुख्य कोच बनाया गया था। प्राइस ऑस्ट्रेलिया की ओर से 10 टेस्ट और 84 वनडे खेल चुकी हैं। अमेरिका की महिला टीम 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिकन क्वालिफायर के रीजनल ग्रुप में हैं। इसमें तीन अन्य टीमें भी हैं।



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This year there will be a 24-team Minor League, so that the Major League can be held next year; Investment of more than 7 thousand crores


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